UGC Rule Today : देश भर में नए नियमों को लेकर देशभर में लगातार विरोध देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में छात्र संगठनों, शिक्षक संघों और सामाजिक समूहों ने इन नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। लोगों का कहना है कि नियमों को लागू करने से पहले सभी पक्षों से खुलकर बात नहीं की गई और इससे कुछ वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन्हीं नियमों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुप्रीम कोर्ट आज UGC के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगा
UGC Rule Today याचिका पर क्या बोले सीजेआई सूर्यकांत
सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता के वकील ने मामले की गंभीरता बताते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की, तो मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत ने एक संक्षिप्त लेकिन अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा की हमें पता है कि क्या हो रहा है।
बस इस एक वाक्य ने साफ कर दिया कि अदालत न सिर्फ याचिका, बल्कि इससे जुड़े पूरे विवाद से अवगत है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि मामला हल्के में नहीं लिया जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही न्यायिक प्रक्रिया का पालन भी जरूरी है।
कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने वकील से कहा कि याचिका में मौजूद कुछ तकनीकी खामियों को पहले दूर किया जाए। कोर्ट ने यह भरोसा भी दिया कि आवश्यक सुधार के बाद याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर आगे विस्तार से सुनवाई करने के लिए तैयार है, लेकिन प्रक्रिया के अनुसार।
UGC का क्या कहना है
इस मुद्दे को लेकर कई जगहों पर छात्रों और संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए किये जा रहे हैं उनका कहना है कि ये नियम समाज में फर्क और तनाव बढ़ा सकते हैं वहीं, शिक्षा मंत्रालय और UGC का कहना है कि इन नियमों का मकसद किसी के साथ गलत व्यवहार करना नहीं है सरकार का दावा है कि नियमों का गलत इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा और सभी के हितों का ध्यान रखा जाएगा अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर टिकी है. कोर्ट का फैसला आने वाले समय में देश की शिक्षा व्यवस्था और नियमों पर बड़ा असर डाल सकता है.
अब आगे क्या
अब सबकी नजर अगली सुनवाई की तारीख पर है। तकनीकी कमियां दूर होने के बाद जब यह मामला फिर से कोर्ट के सामने आएगा, तब उम्मीद है कि UGC के नए नियमों पर विस्तार से बहस होगी। फिलहाल, इतना तय है कि यह मुद्दा सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े बड़े सवालों को जन्म देगा।
क्या है यूजीसी का नया नियम और उद्देश्य
यूजीसी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा रेगुलेशन, 2026 को 13 जनवरी को अधिसूचित किया था। ये नियम देश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों पर लागू होते हैं। इसका मकसद है शिक्षा संस्थानों में धर्म, नस्ल, लिंग, जन्म स्थान, जाति या विकलांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना ।
इन नियमों का खास फोकस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांगजन और महिलाओं पर है। UGC का कहना है कि इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में सभी हितधारकों के बीच समानता और समावेशन को बढ़ावा देना है। नए नियमों के तहत गठित की जाने वाली समितियों में OBC, SC, ST, दिव्यांग और महिला प्रतिनिधियों को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स, सार्वजनिक जानकारी और अदालत में हुई सुनवाई के आधार पर तैयार किया गया है। UGC के नए नियमों और इससे जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। नियमों से संबंधित किसी भी बदलाव या आधिकारिक घोषणा के लिए पाठकों को संबंधित प्राधिकरण की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की सलाह दी जाती है।









