राशन लेने के लिए अंगूठा नही लगाना पड़ेगा, डिजिटल फ़ूड कूपन से मिलेगा राशन Ration Card Rule Update

By Sandeep Cyber

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राशन लेने के लिए अंगूठा नही लगाना पड़ेगा, डिजिटल फ़ूड कूपन से मिलेगा राशन Ration Card Rule Update

Ration Card Rule Update : राशन कार्ड सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिसकी मदद से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त अनाज और जरूरी खाद्य सामग्री मिलती है।
जैसे गेहूं, चावल, चीनी, दाल आदि| राशन कार्ड एक तरह से यह पहचान करता है कि कौन सा परिवार सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं का पात्र है। हाल ही में पता चला है की सरकार ने मुफ्त अनाज योजना वितरण के तहत कुछ रुल में बदलाव किये है 

Ration Card Rule Update में क्या बदला है 

केंद्र सरकार ने अब मुफ्त अनाज योजना के तहत राशन बाटने को डिजिटल फूड कूपन से बाटने की तैयारी की है। अब राशन कार्ड धारक अपने मोबाइल फोन से ही राशन ले सकेंगे, जिससे कागजी कार्ड और बार-बार अंगूठा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह व्यवस्था आरबीआई की डिजिटल करेंसी पर आधारित होगी, जिसका उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शी और धोखाधड़ी से मुक्त बनाना है। पायलट प्रोजेक्ट चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के तीन जिलों में शुरू होगा।

Ration Card Rule Update सरकार का मकसद 

राशन कार्ड रूल अपडेट में सरकार का मकसद यह है कि राशन वितरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए , ताकि आम आदमी को लाइन में लगने और तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई की डिजिटल करेंसी पर आधारित होगी।

इसे डिजिटल फ़ूड कूपन क्यों कहा

सरकार ने इसे डिजिटल फूड कूपन इसलिए कहा। कि यह पहली बार होगा जब केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा का उपयोग सीधे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किया जाएगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाले अनाज को इन कूपनों से जोड़ा जाएगा।

मतलब जो अधिकार अभी राशन कार्ड से मिलते हैं, वही अब मोबाइल वॉलेट में मौजूद कूपन के रूप में मिलेंगे।इस नई व्यवस्था में पात्र परिवारों के मोबाइल फोन में हर महीने डिजिटल फूड कूपन जमा कर दिए जाएंगे। ये कूपन खास तरह के वालेट में रहेंगे, जिन्हें केवल राशन की दुकान पर ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।

डिजिटल फ़ूड कूपन का लाभ 

जब लाभार्थी दुकान पर जाएगा तो दुकानदार के पास लगे क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करेगा। स्कैन होते ही कूपन कट जाएंगे और राशन मिल जाएगा। न कार्ड दिखाने की जरूरत होगी और न ही अंगूठा लगाने की मजबूरी। पूरा लेन-देन अपने-आप रिकार्ड हो जाएगा। इससे राशन कार्ड धारको को बहुत लाभ मिलेगा | साथ ही लेन-देन का डिजिटल रिकार्ड रहने से अनाज की हेराफेरी और फर्जी लाभ उठाने की गुंजाइश भी कम होगी। प्रयोग सफल रहा तो आम आदमी को न सिर्फ समय और मेहनत की बचत होगी। उसे भरोसा भी मिलेगा कि उसके हिस्से का अनाज मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

कहा कहा लागू किया गया ये नियम 

पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के तीन जिलों आनंद, साबरमती और दाहोद से शुरुआत होनी है। पहले चरण में बहुत कम संख्या में लोगों को शामिल किया जा रहा है, ताकि समझा जा सके कि नेटवर्क, मोबाइल इस्तेमाल और दुकानों पर व्यवस्था लागू करने में किस तरह की दिक्कतें आती हैं। इन्हीं अनुभवों के आधार पर बाद में इस माडल को पूरे देश में लागू किया जाएगा।अभी राशन व्यवस्था में अंगूठा न मिलने, मशीन खराब होने या गलत प्रविष्टि जैसी शिकायतें आती हैं। क्यूआर कोड से राशन मिलने पर ऐसी दिक्कतें खत्म हो सकती हैं।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। इसमें शामिल तथ्य सार्वजनिक स्रोतों और सामान्य सरकारी व्यवस्था पर आधारित हैं। राशन कार्ड से जुड़ी योजनाओं, नियमों और पात्रता में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या लाभ से पहले संबंधित राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग या सरकारी वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

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